Short Essay In Hindi On Diwali 2017

Short Essay on Diwali in Hindi for child दीपावली पर निबंध Download PDF

Diwali festival in Hindi: दीपावली त्यौहार भारत और पुरे विश्व मे रहने वाले हिन्दुओ के लिए सबसे बड़ा पर्व है एवं सभी लोग इसे बड़े धूमधाम के साथ मनाते है| हिंदू धर्म मे वैसे तो बहुत सारे त्यौहार आते है लेकिन यह त्यौहार सबसे महत्वपूर्ण एवं ज्यादा दिन तक चलने वाला त्यौहार माना जाता है | दिवाली पर्व की यह विशेषता है कि इसके साथ चार त्यौहार आगे और पीछे साथ साथ मनाए जाते हैं जो कि दिवाली का ही महत्वपूर्ण अंग माने जाते हैं जैसे शुरुआत धनतेरस से होती है फिर दिवाली उसके बाद गोवर्धन की पूजा की जाती है और अंत में भाई दूज के साथ इस त्यौहार का समापन होता है | दीपावली को दीवाली भी कहा जाता है इसका अर्थ होता है “रोशनी का त्योहार” | इस त्यौहार को शरद ऋतु में कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है | वैसे तो अमावस्या के दिन पूरी अँधेरी रात होती है लेकिन इस त्यौहार की विशेषता है की अमावस्या की रात को भी यह पूरी तरह से असंख्य दियो व् पटाखों की रौशनी से प्रकाशमय कर देता है। दीपावली पर सभी लोग अपने घर व् व्यावसायिक संस्थान पर लक्ष्मी देवी जी की पूजा करने के बाद दीपक जला कर रोशन करते है | दीपक जलाने का कारण, पुराणों मे बताया गया है की कार्तिक अमावस्या के दिन भगवान श्री राम चौदह वर्ष वनवास से वापस अपने राज्य अयोध्या लौटे थे तब अयोध्या के रहने वाले सभी वासियों ने भगवान राम के स्वागत मे दीपक जला कर पुरे राज्य को प्रकाशमय किया था | इस त्योहार का अपना आध्यात्मिक सन्देश है की हमेशा झूठ पर सत्य की एवं अंधकार पर प्रकाश की विजय होती है | Click here to download PDF

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दीपावली त्यौहार स्वच्छता व प्रकाश का पर्व है व् इसका पूरा श्रेय प्रत्येक भारतीय को जाता है जो असंख्य दीप जलने के साथ पुरे घरो और आस पास की जगहों पर सफाई करते है | इस दिन चारों ओर स्वछता का साम्राज्य होता है ऐसा माना जाता है कि जिस घर की स्वच्छता व् सुंदरता से लक्ष्मी देवी प्रसन्न होंगी, वे उसी घर में निवास करेंगी इसलिए ही कई दिनों पूर्व दीपावली की तैयारियाँ आरंभ हो जाती हैं। सभी लोग अपने घरों और दुकानों की सफाई व् स्वछता का कार्य आरंभ कर देते हैं । घरों व् दुकानों में मरम्मत, रंग-रोगन, सफ़ेदी आदि की जाती है | घर व् दुकानों के साथ मोहल्ले की गली और बाज़ारो को भी सजाया जाता है | दीपावली पर सभी घर, मोहल्ले, बाज़ार साफ-सुथरे व सजे-धजे नज़र आते हैं। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं एवं सभी लोग अपने गिले शिकवे भूलकर एक दूसरे के घर जाते है और प्यार बाटते  है | इस दिन बच्चो को नए कपडे पहनने का उत्साह साफ देखा जा सकता है | घर के छोटे बड़ो का आर्शीवाद लेते है व् बड़े भी बच्चो को अलग अलग उपहार देते है | 

Diwali

दिवाली हमारे लिए कर्मठता और जागरूकता का संदेश लाती है | दिवाली भीतर और बाहर के अंधकार को नष्ट कर वातावरण को प्रकाशमय बनाने का त्यौहार है | हमें दीपक जलाते समय यह ध्यान देना चाहिए कि “जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना, अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए” |

मां लक्ष्मी की आरती के पश्चात लक्ष्मी नारायण हृदय स्त्रोत कनकधारा स्त्रोत तथा महालक्ष्मी अष्टक का पाठ किया जाता है | देवी लक्ष्मी की पूजा के बाद आतिशबाजी का दौर शुरू होता है लोग अपने मित्रों रिश्तेदारों तथा पड़ोसियों से मिलने जाते हैं | बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं मिठाई खाते और खिलाते हैं | आपस में उपहारों के साथ खुशियां बांटते हैं और शुभकामनाएं देते हैं | असत्य पर सत्य की विजय के रूप में इसका महत्व है | कुछ लोग रात जागकर जुआ खेलते हैं और मदिरा करने की तैयारी में जुट जाते हैं जो की मंगलकामना के इस पर्व पर एक तरह का कलंक है जिससे जन जन की हानि होती है हमें मिल-जुलकर एकता बनाते हुए इंद्रियों पर अंकुश लगाना चाहिए | 

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Short Essay on 'Diwali' or 'Deepawali' in Hindi | 'Diwali' par Nibandh (150 Words)

Short Essay on 'Diwali' or 'Deepawali' in Hindi | 'Diwali' par Nibandh (150 Words)
दीवाली

'दीवाली' हिन्दुओं का प्रसिद्ध त्यौहार है। दीवाली को 'दीपावली' भी कहते हैं। 'दीपावली' का अर्थ होता है - 'दीपों की माला या कड़ी'।

दीवाली प्रकाश का त्यौहार है। यह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है। दीवाली में लगभग सभी घर एवं रास्ते दीपक एवं प्रकाश से रोशन किये जाते हैं।

दीवाली का त्यौहार मनाने का प्रमुख कारण है कि इस दिन भगवान् राम, अपनी पत्नी सीता एवं अपने भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष का वनवास बिताकर अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दिये जलाकर प्रकाशोत्सव मनाया था। इसी कारण इसे 'प्रकाश के त्यौहार' के रूप में मनाते हैं।

दीवाली के दिन सभी लोग खुशी मनाते हैं एवं एक-दूसरे को बधाईयाँ देते हैं। बच्चे खिलौने एवं पटाखे खरीदते हैं। दुकानों एवं मकानों की सफाई की जाती है एवं रंग पुताई इत्यादि की जाती है। रात्रि में लोग धन की देवी 'लक्ष्मी' की पूजा करते हैं।
 

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